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50 प्रतिशत मूल वेतन नियम: हर नियोक्ता को क्या जानना चाहिए

NiyamHQ संपादकीय टीम · अपडेट: 29 सितंबर 2026

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संक्षेप में

21 नवंबर 2025 से लागू नई श्रम संहिताएँ PF, ग्रेच्युटी, बोनस, मातृत्व लाभ आदि के लिए “वेतन” की एक ही परिभाषा इस्तेमाल करती हैं। इसमें सभी भुगतान शामिल होते हैं, फिर कुछ भत्ते बाहर रखे जाते हैं। यदि बाहर रखे गए भत्ते कुल वेतन के आधे से अधिक हों, तो अतिरिक्त राशि वापस वेतन में जोड़ दी जाती है। इसी को “50% मूल वेतन नियम” कहा जाता है।

कौन से भुगतान वेतन से बाहर हैं

  • मकान किराया भत्ता (HRA)
  • वाहन भत्ता और यात्रा रियायत
  • ओवरटाइम भुगतान
  • कमीशन
  • नियोक्ता का PF / पेंशन योगदान
  • ग्रेच्युटी, छंटनी मुआवज़ा और सेवा समाप्ति पर अनुग्रह राशि
  • आवास, बिजली-पानी और चिकित्सा सुविधा का मूल्य

ध्यान दें: सामान्य “विशेष भत्ता” इस सूची में नहीं है, इसलिए सीधे पढ़ने पर वह वेतन में ही गिना जाता है।

उदाहरण

घटकमासिकस्थिति
मूल वेतन + DA₹12,000वेतन
HRA₹10,000बाहर
वाहन भत्ता₹2,000बाहर
अन्य बाहर रखे गए भत्ते₹16,000बाहर
कुल₹40,000

बाहर रखे गए भत्ते ₹28,000 यानी 70% हैं। कुल वेतन का आधा ₹20,000 है, इसलिए ₹8,000 वापस जोड़े जाते हैं। वेतन बनता है ₹12,000 + ₹8,000 = ₹20,000।

PF पर असर

PF वेतन सीमा 17 सितंबर 2026 से ₹25,000 है (पहले ₹15,000)। ऊपर के उदाहरण में ₹20,000 का वेतन इस सीमा से कम है, इसलिए PF सीमा तक सीमित रखें या नहीं, कर्मचारी का PF ₹1,440 से बढ़कर ₹2,400 हो जाएगा।

ग्रेच्युटी पर असर

ग्रेच्युटी पर कोई ₹25,000 सीमा नहीं है, इसलिए सबसे बड़ा असर यहीं दिखता है। सूत्र है वेतन × 15/26 × सेवा वर्ष। उदाहरण में हर सेवा वर्ष की ग्रेच्युटी ₹6,923 से बढ़कर ₹11,538 हो जाती है।

नियोक्ताओं को अभी क्या करना चाहिए

  1. हर वेतन स्तर को कैलकुलेटर से जाँचें।
  2. तय करें कि मूल वेतन बढ़ाना है या मौजूदा संरचना पर “माने गए वेतन” से लाभ गिनने हैं।
  3. PF नीति तय करें: ₹25,000 सीमा या पूरा वेतन।
  4. ग्रेच्युटी देनदारी का दोबारा मूल्यांकन करवाएँ।
  5. पेरोल सॉफ़्टवेयर, ऑफ़र लेटर और CTC टेम्पलेट अपडेट करें।
  6. कर्मचारियों को हाथ में वेतन में बदलाव पहले से समझाएँ।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, कानूनी या कर सलाह नहीं। अपनी स्थिति के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट या श्रम कानून विशेषज्ञ से सलाह लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या मूल वेतन ठीक 50% होना ज़रूरी है?

नहीं। कानून मूल वेतन तय नहीं करता। नियम यह है कि बाहर रखे गए घटक 50% से अधिक हों तो अतिरिक्त राशि वेतन मानी जाएगी।

क्या यह नियम ₹25,000 से अधिक कमाने वालों पर भी लागू है?

हाँ, परिभाषा सब पर लागू है। पर PF ₹25,000 की सीमा तक सीमित हो सकता है, इसलिए अधिक कमाने वालों में PF न बदले — ग्रेच्युटी आमतौर पर बदलेगी।

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