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Verified · 30 सित॰ 2026

श्रम कल्याण निधि (LWF) कैलकुलेटर — राज्यवार दरें

हर उस राज्य के लिए, जहाँ श्रम कल्याण निधि है, कर्मचारी से कटने वाली राशि और नियोक्ता का अंशदान जानें — कटौती के महीने और जमा की अंतिम तारीख के साथ।

✓ आधिकारिक अधिसूचनाओं से सत्यापित · 30 सित॰ 2026 · हम कैसे सत्यापित करते हैं →

लोग

जो राज्य यहाँ सूचीबद्ध नहीं हैं, वे निजी नियोक्ताओं के लिए श्रम कल्याण निधि नहीं चलाते, इसलिए वहाँ LWF नहीं कटता।

कर्मचारी का अंशदान

₹25

प्रति छमाही

नियोक्ता का अंशदान

₹75

प्रति छमाही

वर्ष का कुल

₹2,000

10 × कर्मचारी, दोनों अंशदान

हर अवधि में जमा राशि

₹1,000

कटौती का महीना: जून और दिसंबर

कर्मचारी की वार्षिक कटौती

₹50

नियोक्ता का वार्षिक अंशदान: ₹150

  • 15 जुलाई तक (जनवरी–जून के लिए) और 15 जनवरी तक (जुलाई–दिसंबर के लिए)।
  • पाँच या अधिक व्यक्तियों वाले प्रतिष्ठान। प्रबंधकीय या पर्यवेक्षी पद पर कार्यरत कर्मचारी शामिल नहीं हैं।
  • 2024 के संशोधन के बाद हर वेतन स्तर पर दर एक समान है — ₹3,000 का पुराना वेतन स्लैब अब लागू नहीं।

Maharashtra Labour Welfare Fund Act, 1953 (as amended in 2024) · Maharashtra Labour Welfare Fund (Amendment) Act, 2024 — PRS · दरों की पिछली समीक्षा September 2026

राज्य श्रम कल्याण निधि अधिनियम · दरों की समीक्षा सितंबर 2026अपने राज्य के श्रम कल्याण बोर्ड से पुष्टि करें →WhatsApp पर साझा करें

केवल अनुमान के लिए। यह कैलकुलेटर 30 सित॰ 2026 तक के नियमों पर आधारित है। यह कानूनी या कर सलाह नहीं है। रिटर्न फाइल करने या पेरोल बदलने से पहले आधिकारिक अधिसूचना देखें या किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट / श्रम कानून विशेषज्ञ से सलाह लें।

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आधिकारिक स्रोत

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रम कल्याण निधि क्या है?

हर राज्य के श्रम कल्याण निधि अधिनियम के तहत बनी राज्य निधि, जिससे मज़दूरों और उनके परिवारों के कल्याण की योजनाएँ चलती हैं। कर्मचारी और नियोक्ता दोनों छोटी तय राशि देते हैं, और कुछ राज्य सरकारी अंशदान भी जोड़ते हैं।

क्या श्रम संहिताओं ने LWF खत्म कर दिया?

नहीं। LWF राज्य अधिनियमों से आता है, न कि उन केंद्रीय कानूनों से जिन्हें चार संहिताओं ने बदला, इसलिए राज्य LWF कटौती पहले की तरह जारी है।

किन राज्यों में LWF है?

आंध्र प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल। बाकी राज्यों में निजी क्षेत्र के वेतन से LWF नहीं कटता।